मौत
साँस का बंद होना ही मौत नहीं है ,
ज़बान का बंद होना भी मौत है।
अपनी आँखो से न दिखना भी और
अपनी कानो से न सुनाई पड़ना भी मौत है।
मायावी द्वारा दिखाए गए करतब
को ही सिर्फ देखना मौत है
और उसकी अपनी ही मन
की बात सिर्फ सुनना भी मौत है। ,
साँस बंद होना शरीर की मौत है
ज़बान बंद होना आत्मा की मौत है
आत्मा पहले मरती है , शरीर बाद में।
22 मई 2025 ,वसुंधरा
1 comment:
सत्य.... कटु सत्य
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