Wednesday, May 28, 2025

सिन्दूर

         सिन्दूर   

रगों में दौड़ते रहने के हम नहीं कायल ,

जो आँखों से न टपके वो लहू क्या है ?   ग़ालिब  

अब तो मांग में भी भरे जाने के नहीं  लायक  ,

जो रगों में दौड़कर लहू को ठंढा न कर दे वो सिन्दूर क्या है ?

जो न करा दे जग हसाई ,हाथ पैर में हथकड़ी बेडी न लगवाई 

जिससे न  बिलखें बहनें  और सब लुगाइ,वो फितूर क्या है?

जो न चुनाव जीतवा दे,ललाट के लाल टीके को हरा न  करवा दे 

जो नया भारत ,हिंदुस्तान  न बनवा दे  

वो  ननबायोलॉजिकल डंकापति हुजूर क्या है ?

जहाँ सत्ता के सामने संविधान ,समाज ,सिपाही सभी हों समर्पित 

वहां ओक्टोपसीय नंगे राजा का कसूर क्या है?

27 मई  2025 वसुंधरा 






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