Saturday, May 17, 2025

विधान

 विधान 

देश,राष्ट्र ,अनुशासन एवं संविधान के नाम पर 

धर्म,जाति ,मजहब,रंग,नस्ल,भगवान् के नाम पर 

बनाते है मनुष्य को बहरा और गूंगा 

अपाहिज,अंधा,लंगड़ा,और लूला 

और फिर देते हैं दया बस टुकड़ो में  दान 

या भीख में पद,पैसा,प्रभुत्व,ईनाम और सम्मान 

चाहते हैं सभी करें इस परम्परा का पालन 

जो करते मानने से इन्कार 

कर दिया जाता उन्हें जाति धर्म से  वहिष्कार 

दिया जाता यातना, जेल,पुलिस,लाठी ,गोली,मुठभेड़ 

ओह रे!चौपट राजा ,और नगरी  अंधेर।

जून 2015 

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