सिन्दूर
रगों में दौड़ते रहने के हम नहीं कायल ,
जो आँखों से न टपके वो लहू क्या है ? ग़ालिब
अब तो मांग में भी भरे जाने के नहीं लायक ,
जो रगों में दौड़कर लहू को ठंढा न कर दे वो सिन्दूर क्या है ?
जो न करा दे जग हसाई ,हाथ पैर में हथकड़ी बेडी न लगवाई
जिससे न बिलखें बहनें और सब लुगाइ,वो फितूर क्या है?
जो न चुनाव जीतवा दे,ललाट के लाल टीके को हरा न करवा दे
जो नया भारत ,हिंदुस्तान न बनवा दे
वो ननबायोलॉजिकल डंकापति हुजूर क्या है ?
जहाँ सत्ता के सामने संविधान ,समाज ,सिपाही सभी हों समर्पित
वहां ओक्टोपसीय नंगे राजा का कसूर क्या है?
27 मई 2025 वसुंधरा