Friday, May 23, 2025

मेरे साथी -मेरा बचपन (MY FRIENDS-MY CHILDHOOD)

                                          मेरे साथी -मेरा बचपन  

मेरे साथी ,मेरे साथी 

हम वैसे ही रहते जैसे 

झुण्ड में रहते हाथी। 

संकट में हम हाथ बटाते 

नाचते गाते शोर मचाते 

बस में सब साथ ही जाते 

अंधों  को रोड पार कराते 

जहाँ दीखता प्लास्टिक कूड़ा 

हम मिल सब उसे हटाते।

धरती माँ को रोज सजाते

पौधों को पानी से  रोज पटाते।

नहीं तोड़ते फूल ,पत्ते, टहनी और डाली 

मदद करते जिसकी अच्छी नहीं मालत हाली 

बिल्लू ,पिल्लू को घर में हमने पाली। 

उनके संग खेलते,कूदते,,हसते ,गाते,

वाह!बचपन में क्या आनंद है पाते।

पुष्प,पशु,पक्षी पादप,तितली,दोस्त  के साथ। 

अहा! क्या भोला बालपन व् अद्भुत विश्वास। 


20 अप्रैल 2025 ,वसुंधरा,गाज़ियाबाद 















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