अगर तुफान नही है तो इतनी उञ्ची लहर क्यों है
आखिर इस हवा मे फ़ैली इतनी जहर क्यों है
प्रलय के लिये तो एक पल ही है प्रयाप्त
पर इन्हे मिला इतना लम्बा पहर क्यों है
अरे नादान, क्यो इन अन्धेर्गर्दों से ही पुछ्ते हो कि
इस अन्धेरी रात मे ही इन्हे दिखता सहर क्यों है
वाह,क्या खूब इन कातिलों से ही न्याय मांगने चले हो
और कहते हो ये लाते कयामत और टाते कहर क्यों हैं
२०२० Vasundhara
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