Thursday, February 27, 2025

SIKH LO

                                                             सीख  लो 

दिन को भी रात कहना सीख लो,

गर्मी को बरसात कहना सीख लो। 

वक्त जो टेढ़ा पड़े तो बेहिचक 

गधे को भी बाप कहना सीख लो। 

बॉस अगर चाहे तो आँखें मीचकर 

दाल को भी भात कहना सीख लो। 

नौकरी चमचागिरी का नाम है 

इस कला के साथ रहना सीख लो। 

कौड़ियों के भाव बिकते है वसूल 

तुम हवा के साथ रहना सीख लो। 

है सभी रोगों का नुस्खा 'जी हजूर,यस सर '

बस यही एक बात कहना सीख लो. 





ब्रम्हजीत गौतम 













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